सूर्य से निकला विशाल बादल पृथ्वी के पास कब पहुँचेगा? मई 2024 के भू-चुंबकीय तूफान में यह सवाल खासा मुश्किल था। थोड़े अंतर पर निकले कई कोरोनल मास इजेक्शन, यानी चुंबकीय क्षेत्र और प्लाज्मा के बड़े बादल, रास्ते में एक-दूसरे को पकड़ और बदल सकते थे। IIT इंदौर के Prateek Mayank और भार्गव वैद्य सहित पाँच शोधकर्ताओं ने उस घटना को कंप्यूटर पर दोहराकर अलग मॉडलों के आगमन-अनुमान जाँचे।
एक घटना, तीन तरीके
टीम ने STAR, SWASTi और ड्रैग-आधारित मॉडल इस्तेमाल किए। इनके भीतर भौतिक प्रक्रियाओं का विवरण अलग है। ड्रैग मॉडल बादल और आसपास बहती सौर हवा के वेग-अंतर को प्रमुख मानता है। IIT इंदौर से जुड़ा SWASTi प्लाज्मा और चुंबकीय क्षेत्र की गतिशीलता की त्रि-आयामी गणना करता है। STAR में सौर वायुमंडल के एक मॉडल और आगे के प्रवाह की गणना को जोड़ा गया।
इनसे मिले परिणामों को सूर्य–पृथ्वी L1 के पास दर्ज वास्तविक सौर-पवन मापों से मिलाया गया। किसी गणना का उपयोग तभी समझ आता है जब उसे अवलोकन की इस कसौटी पर रखा जाए।
शुरुआती बादल लगभग साथ आए
सिमुलेशन में पहले तीन बादल लगभग एक साथ पृथ्वी के पास पहुँचे और मापों में पहला बड़ा उछाल बना। बाद के बादल अलग समय पर आए। अध्ययन के अनुसार मॉडल से निकले आगमन-समय और वास्तविक अवलोकन में लगभग पाँच घंटे या उससे कम का अंतर रहा। आसपास की सौर हवा की रफ्तार और बादल पर लगने वाले खिंचाव का मान बदलने से परिणाम भी बदला।
पुराने तूफान से अगला अनुमान सुधारना
शोध 27 फरवरी 2025 को प्रकाशित हुआ। उसका आधार 10 मई 2024 की घट चुकी घटना थी। पाँच घंटे का अंतर इसी घटना को दोहराने की परीक्षा का परिणाम है; इससे हर अगले तूफान के लिए उतनी सटीकता तय नहीं हो जाती।
ऐसी जाँच बताती है कि मॉडल में कहाँ अधिक सावधानी चाहिए: कितने बादल शामिल हों, उनकी शुरुआती गति क्या हो और उनके बीच की सौर हवा कितनी सही समझी गई हो। भविष्य के अंतरिक्ष-मौसम अनुमान को बेहतर बनाने के लिए इन प्रश्नों को वास्तविक घटनाओं पर परखना जरूरी है।
मुख्य बातें
- 27 फरवरी 2025 को प्रकाशित अध्ययन ने मई 2024 की घट चुकी घटना से मॉडल जाँचे।
- तीन गणना-पद्धतियों ने सौर बादलों और आसपास की हवा के असर को अलग-अलग विस्तार से शामिल किया।
- इस घटना में मॉडल और अवलोकन के आगमन-समय का अंतर लगभग पाँच घंटे या कम था; यह हर भविष्य की घटना की सटीकता का वादा नहीं है।
स्रोत और संदर्भ
- IIT Indore Research Repository · Simulating the Arrival of Multiple Coronal Mass Ejections That Triggered the Gannon Superstorm on 2024 May 10 ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
- The Astrophysical Journal · Simulating the Arrival of Multiple Coronal Mass Ejections That Triggered the Gannon Superstorm on 2024 May 10 ↗27 फ़रवरी 2025
- arXiv · Preprint: Simulating the Arrival of Multiple Coronal Mass Ejections that Triggered the Gannon Superstorm on May 10, 2024 ↗13 नवंबर 2024
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 15 सितंबर 2026।



